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Tuesday, August 27, 2019

9:09 AM

multimeter full details in hindi | हिंदी में जाने (part 1)

multimeter full details in hindi | हिंदी में जाने (part 1) 


multimeter full details in hindi
multimeter full details in hindi
multimeter full details in hindi

( multimeter full details in hindi | हिंदी में जाने (part 1)  ) परिचय  :-

दोस्तों आज के इस पोस्ट में हम मल्टीमीटर के बारे में विस्तार से जानेंगे, दोस्तों हम यह भी जानेंगे के, यह किस प्रकार से कार्य करती है, और मल्टीमीटर को किस - किस जगह उपयोग में लिया जाता है।

दोस्तों पहले के जमाने में, किसी भी इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण या कॉम्पोनेंट को रिपेयर करने में काफी मुसीबतों का सामना करना पड़ता था। पर जब से मल्टीमीटर का आविष्कार हुआ है, तब से किसी भी इलेक्ट्रिक उपकरण को रिपेयर करना, तथा किसी भी प्रकार की गलती या खराबी का पता लगाना काफी आसान हो गया है। दोस्तों मल्टीमीटर इलेक्ट्रिक जगत में एक नई क्रांति लेकर आया है। जिस ने इलेक्ट्रिक जगत को ही बदल कर रख दिया है। तो दोस्तों अब हम मल्टीमीटर के बारे में जानते हैं।

multimeter full details in hindi | हिंदी में जाने (part 1)    

मल्टीमीटर की शुरुआत तथा आविष्कार :-

दोस्तों मल्टीमीटर का इतिहास बहुत ही ज्यादा पुराना है, तथा इसका आविष्कार इलेक्ट्रॉनिक की दुनिया में एक नई क्रांति लेकर आई। दोस्तों मल्टीमीटर की शुरुआत 1820 में ही हो गई थी। 1820 में करंट डिटेक्टिंग के लिए एक डिवाइस का आविष्कार किया गया था। उस डिवाइस का नाम गैल्वेनोमीटर रखा गया था। यह शुरुआती दौर का पहला मल्टीमीटर था।
Galvanometer
Galvanometer 
Galvanometer
यह आकार में बहुत ही बड़ा था, और यह वोल्टेज और रजिस्टेंस की वैल्यू तो बताता ही था, पर यह बिल्कुल सटीक वैल्यू नहीं बता पाता था, क्योंकि यह बहुत धीरे-धीरे कार्य करता था, और धीरे होने की वजह से वैल्यू बदल जाती थी। बाद में 1920 के दशक में मल्टीमीटर का आविष्कार, रेडियो रिसीवर के रूप में किया गया। यह मल्टीमीटर आकार में काफी छोटा था। इसके कार्य करने की क्षमता काफी तेज थी, और यह बिल्कुल सटीक वैल्यू बताती थी। इस मीटर को बनाने का श्रेय पोस्ट ऑफिस इंजीनियर डॉनल्ड माकाड़ी को दिया जाता है।

मल्टीमीटर के प्रकार :-

दोस्तों आजकल मल्टीमीटर कई प्रकार के पाए जाते हैं, यह मल्टीमीटर कई प्रकार के रंग तथा आकार के पाए  हैं, और उनके अलग-अलग प्रकार के करंट तथा वैल्यू को बताने की क्षमता होती है। कुछ मल्टीमीटर हैवी वोल्टेज को दर्शाने के लिए होते हैं, तो कुछ आम वोल्टेज को दर्शाने में मदद करते हैं, पर मुख्य रुप से मल्टीमीटर दो प्रकार के होते हैं।

यह दो प्रकार के मल्टीमीटर निम्न है :-
एनालॉग मल्टीमीटर
डिजिटल मल्टीमीटर

मल्टीमीटर का उपयोग :-

 दोनों मल्टीमीटर के कार्य प्रणाली अलग अलग होती है। दोस्तों मल्टीमीटर की सहायता से हम करंट वोल्टेज तथा रजिस्टेंस को माप सकते हैं। मल्टीमीटर का उपयोग हम, सभी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक सर्किट तथा सभी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक्स कॉम्पोनेंट को रिपेयर करने, तथा उस में आई हुई खराबी का पता लगाने के लिए कर सकते हैं। अगर आपको किसी भी इलेक्ट्रिक उपकरण को रिपेयर करना है, तो आपको मल्टीमीटर को उपयोग में लेने का  ही तरीका पता होना आवश्यक है।
दोस्तों पहले के जमाने में या में यू कहु के, कुछ दशकों पहले कोई भी इंजीनियर या मैकेनिक किसी भी सर्किट या इलेक्ट्रिक उपकरण को, रिपेयर करने के लिए एनालॉग मल्टीमीटर को उपयोग में लेता था। यह एनालॉग  मल्टीमीटर में एक प्वाइंटर तथा एक सुई होती थी, जो कि वोल्टेज तथा रजिस्टेंस को दर्शाता था। पर यह  मल्टीमीटर बिल्कुल सही सही वैल्यू नहीं बता पाती थी, इसलिए इसकी जगह लोग डिजिटल मल्टीमीटर को उपयोग में लेने लगे। यह मल्टीमीटर उपयोग में लेने में बहुत ही आसान थी, और यह बिल्कुल सही सही वैल्यू बता देती थी। इस मल्टीमीटर के अंदर हमें एक डिस्पले भी मिल जाता है, जहां पर हम किसी भी वैल्यू को प्वाइंट्स में भी देख सकते हैं, और हमें एक सटीक वैल्यू का पता चल जाता है। इस कारण से ही इस मल्टीमीटर का उपयोग आज के युग में सबसे ज्यादा होता है।

note :-

दोस्तों आज के इस पोस्ट में बस इतना ही। दोस्तों आगे की पोस्ट में हम यह जानेंगे, कि मल्टीमीटर को उपयोग में कैसे लिया जाता है। जिसका लिंक मैं नीचे दे दूंगा। दोस्तों मैं चाहता तो इस एक ही पोस्ट में, मैं सब कुछ बता सकता था। पर यह पोस्ट काफी बड़ा बन जाता, और पढ़ने वाला बोर हो जाता। इसलिए मैंने इस पोस्ट को कुछ भागों में बांट दिया है, उन सभी भागो का लिंक में आपको नीचे दे दूंगा।

Sunday, August 25, 2019

8:40 PM

ohm's law definition (Hindi)

दोस्तों आज हम  Ohm's law के बारे में जानेंगे, के यह क्या होता है,
और इसका उपयोग किस प्रकार से होता है।
दोस्तों सामान्य तौर पर Ohm's law के बारे में किसी से पूछा जाता है,
तो वह सामान्य रूप से बता देता है, कि Ohm's law का मतलब होता है :- V = I x R
पर दोस्तों,मैं यह बता दूं, कि सिर्फ इतना जानने से कोई फायदा नहीं होता है, इसलिए मैं आज इस पोस्ट में Ohm's law को विस्तार से समझाने जा रहा हूं, और हम इस पोस्ट में यह जानेंगे के Ohm's law का उपयोग कहां पर होता है, और इससे हम वोल्टेज और एम्पीयर्स का पता कैसे लगा सकते हैं, इसको हम एक उदाहरण के द्वारा समझेंगे, के Ohm's law कैसे काम में लिया जाता है।

दोस्तों नीचे में एक फोटो दे रहा हूं, उस फोटो की मदद से हम Ohm's law को समझेंगे।
ohm's law definition (Hindi)
ohm's law definition (Hindi)

दोस्तों सामान्य तौर पर लोग जानते हैं, कि Ohm's law का सूत्र V = I x R होता है, इसमें v वोल्टेज होता है, और I करंट होता है, तथा आई में एंपियर इसका यूनिट होता है, तथा R का मतलब रजिस्टेंस होता है। दोस्तों अब हम Ohm's law की परिभाषा जानेंगे।

Ohm's law full definition:-

यदि भौतिक अवस्था, जैसे कि गर्मी, लंबाई आदि स्थिर हो,
तब किसी विदुत परिपथ में प्रतिरोध के सिरों पर उत्पन्न वोल्टेज,
उच्च प्रतिरोध में प्रवाहित होने वाली धारा के समानुपाती होता है।
तो दोस्तों मुझे लगता है, कि आपको Ohm's law की परिभाषा ठीक से समझ में नहीं आया।
वह इसलिए समझ में नहीं आया, क्योंकि यह एक किताबी परिभाषा है, और अब मैं इस परिभाषा को एक उदाहरण के रूप में आपको समझाता हूं।
इस उदाहरण से पहले आप यह समझ ले,
कि Ohm's law के सूत्र को तीन प्रकार से उपयोग में ले सकते हैं :-
v = I x r
I = v/r
r = v/r
दोस्तों इन 3 सूत्रों का मतलब यह है, कि अगर आपके पास वोल्ट, एम्पीयर और रेजिस्टेंस वैल्यू में से, किसी 2 के वैल्यू के बारे में पता है, तो आप इन तीनों सूत्र की मदद से आप, उस तीसरे का वैल्यू पता कर सकते हैंऔर एक रेजिस्टेंस
जैसे :-
अगर आपको वोल्टेज के बारे में पता है, और रजिस्टेंस के बारे में, तो आप एंपियर के बारे में आसानी से पता कर सकते हैं।

तो दोस्तों अब चलते हैं हम उदाहरण के ऊपर :-

ohm's law definition (Hindi)
battery - led connection with ohm's law

इस उदाहरण को समझने के लिए हमारे पास कुछ वस्तुएं होनी चाहिए, जैसे 9 वोल्ट की बैटरी और एक 2 वोल्ट और 20 mA की LED, और एक रेजिस्टेंस।
दोस्तों अब बैटरी को ओहंस लॉ के जरिए, LED को कनेक्ट करना है, और LED को जलाना है।
अब जैसा कि मैंने बताया की हमारे पास 2v और 20 mA की LED है,
और बैटरी 9 वोल्ट की है। दोस्तों LED अलग - अलग बोल्ट और एंपियर की पाई जाती है, पर हम 2 वोल्ट और 20 mA की LED इस्तेमाल कर रहे हैं। अब हम 9 वोल्ट की बैटरी से इस LED को कैसे चलाते हैं, वह देखते हैं।
दोस्तों LED मैं हमेशा दो टर्मिनल होते हैं, एक ( + ) का तथा दूसरा ( - ) का होता है।
दोस्तों अब हम किसी तार की सहायता से बैटरी को LED के साथ कनेक्ट करते हैं।
कनेक्ट करने के लिए हम तार के एक सिरे को बैटरी के ( + ) में जोड़ते हैं,
तथा दूसरे सिरे को LED के ( + ) में जोड़ते हैं, तथा दूसरा एक और तार लेते हैं,
और उस पार के एक सिरे को बैटरी के ( - ) में जोड़ते हैं, और दूसरे सिरे को LED के ( - ) में जोड़ते हैं। ध्यान रखें कि प्लस हमेशा प्लस से ही जुड़ता है, और ( - ) हमेशा ( - ) से ही जुड़ता है।
अब हमने दोनों सिरों को आपस में जोड़ दिया है, अब हम देखेंगे की LED फ्यूज हो जाती है,
दोस्तों LED के फ्यूज होने का कारण यही था, कि बैटरी तो हमारे पास 9 वोल्ट की है, पर LED सिर्फ 2 वोल्ट की इसका मतलब के 9 - 2 = 7 बोल्ट LED को ज्यादा मिल रहा है, और ज्यादा वोल्टेज की वजह से ही LED फ्यूज हो गया।

Ohm's law की मदद से led जलाना :-

ohm's law definition (Hindi)
Ohm's law की मदद से led जलाना

इस जगह ओहंस लॉ का नियम काम में आता है,
और ओहंस लॉ की मदद से हम एक रेजिस्टेंस को लगाएंगे।
रजिस्टेंस की जरूरत इसलिए है, क्योंकि हमें LED को चलाने के लिए सिर्फ 2 वोल्ट की जरूरत है, और बाकी अतिरिक्त वोल्ट को हमें खत्म करना है, तो अब हमें रजिस्टेंस की वैल्यू कितनी चाहिए, इसका पता हम Ohm's law की मदद से लगाएंगे।
फोटो की मदद से आप रजिस्टेंस की वैल्यू पता कर सकते हैं।
चित्र के अनुसार हमारे पास अब 350 Ohm's का रजिस्टेंस आता है, और इस रजिस्टेंस को हमें बैटरी के प्लस में जोड़ना है,
रजिस्टेंस को जोड़ने के बाद LED जलने लगेगा।
तो दोस्तों इस प्रकार से हम Ohm's law के नियम को समझ सकते हैं।